Dy. Inspector General, Registration and Stamp, Hanumangarh

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FAQ


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पंजीयन क्या है? जब कोई दो पक्षकार किसी भूमि, मकान, दूकान आदि अचल सम्पति का लेन-देन करते है तो उस पर राजस्थान सरकार द्वारा निर्धारित दर से मुद्रांक कर अदा कर दस्तावेज को पंजीयन करवाना होता है।
पंजीयन कहां होता है? उप पंजीयक कार्यालय में दस्तावेज पंजीयन होता है।
उप पंजीयक क्या होता है? वह अधिकारी जो अचल सम्पति के दस्तावेजो का पंजीयन करता है।
उप पंजीयक पर किस का नियन्त्रण होता है? उप पंजीयक पर उप महानिरीक्षक एवं उप महानिरीक्षक पर महानिरीक्षक महोदय, अजमेर का नियन्त्रण होता है।
उप महानिरीक्षक कार्यालय क्या है? उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्राक विभाग का वृत कार्यालय है। जहां पर वृत के समस्त उप पंजीयको पर निगरानी एवं कमी मुद्रांक के प्रकरणों का निस्तारण किया जाता है।
मुद्रांक शुल्क कितना चुकाना होता है? राजस्थान सरकार द्वारा निर्धारित दर से मुद्रांक शुल्क चुकाना होता है। जो दस्तावेज की प्रकृति पर निर्भर करता है।
मुद्रांक शुल्क कैसे चुकाया जा सकता है? वर्तमान में मुद्राक शुल्क, ई-स्टाम्प, पे-आर्डर, ई-ग्रास चालान एवं डिमाण्ड ड्राफ्ट व स्टाम्प पत्रो पर दस्तावेज निष्पादित कर वसूल किया जाता ह
क्या नगद भुगतान किया जा सकता है। मुद्रांक शुल्क का भुगतान नगद नहीं किया जा सकता।
डीएलसी क्या है? जिला स्तरीय कमेटी द्वारा जिले के तहसील, उप तहसील क्षेत्र की भूमि का मूल्य निर्धारित किया जाता है।
क्या दस्तावेज डीएलसी पर पंजीयन होता है? दस्तावेज में पक्षकारो द्धारा सम्पति का वास्तविक मूल्य अंकित किया जाता है अगर अंकित मूल्य डीएलसी दर से कम है तो डीएलसी दरो से गणना की जावेगी अगर अंकित मूल्य अधिक है तो उसे बाजार कीमत माना जाकर मुद्रांक शुल्क वसूला जाकर पंजीयन किया जावेगा।दस्तावेज के बाजार मूल्य/अंकित मूल्य या डीएलसी दोनों में से जो अधिक हो, पर मुद्रांक शुल्क देय है।
क्या किसी व्यक्ति द्वारा स्टाम्प क्रय के उपरान्त काम में नहीं लेने पर उनका रिफण्ड होता है? हां, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के रिफण्ड नियमों के तहत स्टाम्पों का रिफण्ड किया जाता है।
क्या लिखे हुए स्टाम्पों का ही रिफण्ड होता है या केवल खाली स्टाम्पों का। दोनों प्रकार के स्टाम्पों का रिफण्ड होता है। किन्तु दोनों प्रकार के रिफण्डों के नियम भिन्न है।
ई-पंजीयन क्या है? दस्तावेज का आन-लाईन पंजीयन करवाना ई-पंजीयन है।
क्या किसी व्यक्ति को पुराने पंजीयन दस्तावेज की नकल प्राप्त हो सकती है। हां। कोई भी निर्धारित प्रपत्र संख्या 12 में आवेदन कर विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करवाकर दस्तावेज की प्रमाणित फोटोप्रति प्राप्त कर सकता है।
यदि किसी व्यक्ति द्वारा तथ्य छूपाकर दस्तावेज पंजीयन करवाया जाता है तो क्या उसके विरूद्ध क्या प्रक्रिया है? तथ्य छूपाकर दस्तावेज पंजीयन करवाने पर संबंधीत व्यक्तियो के विरूद्ध अभियोजन कि कार्यवाही की जा सकती